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जीवन में खेल कूद का महत्व

29 Apr 2019

खेल हमारे जीवन का एक एहम हिस्सा है, यह हमारे शारीरिक एवम् मानसिक दोनो ही विकास का श्रोत है. यह हमारे शरीर के रक्त परिसंचरण मे सहायक है, वही दूसरी ओर हमारे दिमागी विकास मे लाभकारी है. खेल व्यायाम का सबसे अच्छा साधन माना जाता है. खेल ही हमारे शरीर को हस्ट-पुस्ट, गतिशील एवं स्फूर्ति प्रदान करने मे सहायक होते है. एक सफल इंसान के लिए चाहिए कि वह मानसिक तथा शारीरिक दोनो रूप से स्वस्थ रहे, मानसिक विकास की शुरुआत हमारे स्कूल के दिनो से होना प्रारंभ हो जाती है, किंतु शारीरिक विकास के लिए व्यायाम ज़रूरी है जो हमे खेलो के माध्यम से प्राप्त होता है.

भारतीय खेल प्राधिकरण

भारत सरकार ने जनवरी 1984 में भारतीय खेल प्राधिकरण की स्थापना एवं पंजीकृत सोसाइटी के रूप में की थी।_______ प्रारंभ में इसका उद्देश्य 1982 में एशियाड के दौरान दिल्ली में निर्मित खेलकूद की बुनियादी सुविधाओं के कारगर रख-रखाव तथा उनके अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करना था। अब यह देश में खेलों के विस्तार तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में विशेष उपलब्धि के लिए खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की नोडल एजेंसी बन गई है। खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए शीर्ष पर एक ही एजेंसी स्थापित करने के उद्देश्य से 1 मई, 1987 को राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा और खेलकूद सोसाइटी (एसएनआईपीईएस) का भारतीय खेल प्राधिकरण में विलय कर दिया गया। इसके बाद, नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेलकूद संस्थान (एनएसएनआईएस) पटियाला और बंगलौर, कोलकाता तथा गांधीनगर में इसके केंद्र तथा तिरुअनंतपुरम के लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक व्यायाम शिक्षा विद्यालय भी भारतीय खेल प्राधिकरण के अंतर्गत आ गए। _______ अब इसके छह क्षेत्रीय केंद्र बंगलौर, गांधीनगर, कोलकाता, चंडीगढ़, भोपाल और इंफाल में हैं और दो उपकेंद्र गुवाहाटी (असम) और लखनऊ (यूपी) में है।_______ बुनियादी खेल सुविधाएँ अब सोनीपत में जुटाई जा रही हैं।_______ भारतीय खेल प्राधिकरण शिलारू (हिमाचल प्रदेश) में एक हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर भी संचालित करता है।_______ भारतीय खेल प्राधिकरण राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्ति के लिए राष्ट्रीय खेल प्रतिभा (एनएसटीसी), आर्मी ब्वायज स्पोर्ट्स कंपनी (एबीएससी), भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी) तथा विशेष क्षेत्रीय खेल (एसएजी) जैसी योजनाओं का संचालन करता है।_______ भारतीय खेल प्राधिकरण ने विशेष प्रतिभा संपन्न खिलाड़ियों के लिए अपने सभी क्षेत्रीय केंद्रों तथा राष्ट्रीय खेल कूद संस्थान, पटियाला में उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) स्थापित किए हैं।

_______खेलो के प्रकार _______ खेल कई तरह के होते है जिन्हे मुख्यतः दो वर्गो मे बाँटा गया है इनडोर एवं आउटडोर. इनडोर खेल जैसे ताश, लुडो, केरम सांपसीडी आदि ये मनोरंजन के साथ साथ बोधिक विकास मे सहायक होते है, वही आउटडोर खेल जैसे क्रिकेट, फूटबॉल, हॉकी, बेटमिंटन, टेनिस, वॉलीबॉल आदि शरीर को स्वस्थ बनाए रखने मे लाभकारी है. इन दोनो वर्गो मे अंतर बस इतना है कि आउटडोर खेलो के लिए बड़े मैदान की आवश्यकता होती है, यह खेल हमारे शरीर के फिटनेस एवं तंदुरुस्त बनाए रखने मे सहायक है जबकि इनडोर खेलो मे ऐसे बड़े मैदान की ज़रूरत नही होती है, यह घर आँगन कही भी खेले जा सकते है. इन खेलो मे सभी पीढ़ी के लोग चाहे बालक, युवा और चाहे व्रध्य पीढ़ी ही क्यों ना हो, सभी अपनी रूचि रखते है. आउटडोर खेल हमारे शारीरिक विकास मे लाभकारी होते है, वही दूसरी ओर शरीर को स्वस्थ सुडोल तथा सक्रिय बनाए रखते है, जबकि इनडोर खेल हमारे दिमागी स्तर को तेज (चेस) करते है. साथ ही साथ मनोरंजन का उतम स्त्रोत माने जाते है. _______इनडोर खेल_______ ताश, लुडो, केरम सांपसीडी _______आउटडोर खेल_______ क्रिकेट, फूटबॉल, हॉकी, बेटमिंटन, टेनिस, वॉलीबॉल